Thursday, May 13, 2010

हम कौन जात के

बस में बैठे एक बुजुर्ग किसान ने एकाएक पूछा, भईया अपन कौन जात के? मैने सोचा कि शायद वह मेरी जाति पूछ रहा है। मैने कहा, हिन्दू! वह झल्लाया और दोबारा पूछा, हम कौन जात के? अब हम सिर खुजाने लगे। देख कर वह हंसा, फिर बोला। भईया जब हम लोग छोटे थे, तब हमारी जाति हिन्दू या मुसलमान होती थी। बाद में पता चला कि धत्, ये तो धर्म है। फिर स्कूल कालेज में जब जानवरों के बारे में पढ़ाया जाता था तो जाति, प्रजाति और उपजाति की एक अलग ही परिभाषा पढ़ी। इस लिहाज से यदि इंसान की जाति देखी जाए तो सभी एक जात के हैं। किन्तु आज सुबह का अखबार देखा तो फिर से कन्फ्यूज हो गए। मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने कहा है कि उनके घर में जाति प्रथा नहीं चलती। उनकी माँ तेजी बच्चन सिख थीं, उनकी पत्नी बंगाली हैं, उनके भाई की पत्नी सिंधी हैं, उनके दामाद पंजाबी हैं और बहू ऐश्वर्या मंगलौरी। लगा राज्य बदलने के साथ ही अब जाति बदल जाती है। सन् 2000 में तीन नए राज्य बने तो तीन नई जातियां भी बन गर्इं। अब समझ में आ रहा है कि जब बिहारी-बंगाली से शादी करता है तो उसे इंटरकास्ट क्यों कहते हैं? किसी भी संस्थान में काम के आधार पर डेज़ीनेशन होता है। वेल्डर, फिटर, टेक्नीशियन, मैसन आदि। इसी तरह भारतीय समाज में मिट्टी का काम करने वाला कुम्हार, बाल काटने वाला नाऊ, लकड़ी का काम करने वाला बढ़ई, पीतल ताम्बे का काम करने वाला ताम्रकार, सोने का काम करने वाला स्वर्णकार, चमड़े का काम करने वाला चर्मकार, पूजा पाठ शिक्षादान करने वाला ब्राह्मण, युद्ध करने वाला क्षत्रिय होता था। उपनाम बताते ही स्पष्ट हो जाता था कि व्यक्ति किस कार्य का विशेषज्ञ है। ज्यादा पूछताछ की जरूरत नहीं पड़ती थी। एक शानदार सामाजिक व्यवस्था थी जो दुश्प्रचार का शिकार हो गई। तब से लेकर आज तक हम हर किसी से पूछ रहे हैं, ‘कौन जाति के हो।’ पूछने वाले का भी कोई खास उद्देश्य नहीं होता। बताने वाला भी आदमी देखकर बात करता है। सरकार पूछे तो अनुसूचित जाति, अनजान पूछे तो ठाकुर। जाति को लेकर यह कन्फ्यूज़न शादी विवाह तक जारी रहता है। बंगाली कायस्थ और बिहारी कायस्थ के बीच शादी होती है और कहलाते वे इंटरकास्ट हैं। यहां बंगाली और बिहारी दो जातियां हो गर्इं। सामने ठाकरे की ठकुराई हो तो महाराष्ट्र में बैठा गंगा किनारे का छोरा खुद को मराठी बताता है। बैठे ठाले जाति बदल जाती है। कुछ लोग शादी के समय गोत्र बदल लेते हैं। यदि न बदलें तो अच्छा लड़का या लड़की के हाथ से निकल जाने का खतरा होता है। अब तो समझ में आ गई होगी जाति? अब भी नहीं आई तो आपका कुछ नहीं हो सकता? अब जो जनगणना वाले तय कर देंगे वही आपकी जाति होगी।

2 comments:

  1. India was ruled by BRITISH for over 300 years, how is it possible to be ruled by a nation which is 150 times smaller than u, India offered a terrific incentive to be ruled and it was- Indians are fragmented to the core, we dont need any election commission to tell us what is our caste it is in our DNA, we start to talk by mentioning it. British introduced Railways to break the barriers of caste and creed in India, because u dont know the caste of people driving that mammoth locamotive and u dont know caste of people making food for u.
    The reason Europeans gave in support of being IMPERIAL was that they " Wanted to civilise the rest of the uncivilised world" I seriously wonder whether it was true or a fabricated tale by them?

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  2. यह विषय दर्शनशास्त्र का है या समाजशास्त्र का ? वर्तमान परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सटीक विचार हैं.

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